Showing posts with label Shayri. Show all posts
Showing posts with label Shayri. Show all posts

Thursday, February 15, 2018

कितने मजबूर होते है

क्या दोस्तो आपने कभी सोचा है कितने बेबस और मजबूर होते होंगे वो हाथ ,
जो अपने ही हाथो अपने प्यार को किसी गैर के हाथो मे थमाते है !

दिल की जुवा


कुछ लोग अपने आप ही अंदर से टूट जाते है,
        कुछ फूल वकत से पहले अपने आप सूख जाते है ।
उम्र भर हाथ न छोडने कि कसम लेते है -
       और कुछ मजबूरियो को तो देखो वही हाथ छूट जाते है ।